आंवला जूस का सेवन कब और कितनी मात्रा में करना चाहिए, आयुर्वेद के अनुसार जानें फायदे

आयुर्वेद में कुछ ऐसी चीजें बताई गई हैं जो नियमित सेवन से न सिर्फ विभिन्न रोगों से मुक्ति मिलती है बल्कि इससे त्वचा भी युवा बनी रहती है। इन सब आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में से एक है आंवला। विटामिन-सी से भरपूर आंवला, हर मौसम में लाभदायक है। यह आंखों, बालों और त्वचा के लिए तो फायदेमंद है ही, साथ ही इसके और भी कई फायदे हैं, जो आपके शरीर को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं। अक्सर आंवला खासकर आंवला जूस के सेवन को लेकर कई लोग दुविधा में रहते हैं कि इसका सेवन कब करना चाहिए।


कब और कितनी मात्रा में पीना चाहिए आंवला जूस
सुबह खाली पेट आंवला जूस केवल 10 मिलीग्राम ही लें।बढ़ाकर 20 मिलीग्राम कर सकते हैं।इससे ज्यादा आंवला जूस का सेवन सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है।अलग-अलग समय पर इसे दो बार में भी ले सकते हैं।



आंवला और इसका जूस पीने के फायदे-
-आंखों के लिए आंवला अमृत समान है, यह आंखों की रोशनी को बढ़ाने में सहायक होता है। इसके लिए रोजाना एक चम्मच आंवला के पाउडर को शहद के साथ लेने से काफी लाभ मिलता है और मोतियाबिंद की समस्या में भी काफी लाभकारी है।
बुखार से छुटकारा पाने के लिए आंवले के रस में छौंक लगाकर इसका सेवन करना चाहिए, इसके अलावा दांतों में दर्द और कैविटी होने पर आंवले के रस में थोड़ा सा कपूर मिला कर मसूड़ों पर लगाने से आराम मिलता है।
शरीर में गर्मी बढ़ जाने पर आंवल सबसे बेहतर उपाय है। आंवले के रस का सेवन या आंवले को किसी भी रूप में खाने पर यह ठंडक प्रदान करता है। हिचकी तथा -उल्टी होने की पर आंवले के रस को मिश्री के साथ दिन में दो-तीन बार सेवन करने से काफी लाभ मिलता।
चेहरे के दाग-धब्बे हटाकर उसे खूबसूरत बनाने में भी आंवला आपके लिए उपयोगी होता है। इसका पेस्ट बनाकर चेहरे पर लगाने से त्वचा को भी काफी साफ, चमकदार होती है और झुर्रियां भी कम हो जाती हैं।