दालचीनी के फायदे, उपयोग के तरीके और उससे होने वाले नुकसान

दालचीनी लगभग हर भारतीय रसोई में आसानी से मिल जाती है। यह एक ऐसा मसाला है, जिसका इस्तेमाल खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि एक औषधि की तरह भी किया जाता है।दालचीनी व्यक्ति को स्वस्थ रखने और बीमारियों से बचाए रखने में मदद कर सकती है। बस ध्यान दें कि दालचीनी किसी बीमारी का इलाज नहीं है। हां, यह रोग से बचने और शरीर को स्वस्थ रखने में मदद जरूर कर सकती है। 

दालचीनी के फायदे

दालचीनी एंटी-ऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती है। पशु पर किए गए एक शोध में भी यह स्पष्ट हुआ है। दरअसल, दालचीनी में प्रोसानिडिन्स (केमिकल कंपाउंड) होता है, जो एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि को प्रदर्शित करता है।  एक अध्ययन के दौरान जब 26 मसालों के एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि की तुलना की गई तो दालचीनी को शानदार पाया गया 

दालचीनी का उपयोग – Uses of Dalchini in Hindi

दालचीनी का उपयोग कैसे किया जा सकता है और दालचीनी का सेवन कितनी मात्रा में किया जाता है, यह हम नीचे विस्तार से बता रहे हैं। चलिए, सबसे पहले दालचीनी कैसे खाएं यह जान लेते हैं।

दालचीनी कैसे खाएं

  •     दालचीनी का इस्तेमाल खाने में मसाले की तरह होता है।
  •     सिनेमन पाउडर का सेवन दूध के साथ कर सकते हैं।
  •     इसे गुनगुने पानी में मिलाकर भी पी सकते हैं।
  •     दालचीनी को शहद के साथ मिलाकर चेहरे पर लगा सकते हैं।
  •     दालचीनी को हर्बल टी या काढ़ा बनाते समय भी डाल सकते हैं।
  •     दालचीनी को उबालकर इसके पानी से बालों को धोया जा सकता है।
  •     च्यवनप्राश बनाने के लिए भी दालचीनी का उपयोग किया जाता है।

दालचीनी के नुकसान – Side Effects of Cinnamon in Hindi

दालचीनी खाने के फायदे तो हम बता चुके हैं, लेकिन इसका अधिक सेवन करने से नुकसान भी सामने आ सकते हैं। इसी वजह से हम नीचे दालचीनी खाने के नुकसान के बारे में बता रहे हैं।

  •   दालचीनी के एसिडिक नेचर की वजह से दांत प्रभावित हो सकते हैं, जिससे प्लाक और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
  •     गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल (पेट संबंधी) विकार।
  •     एलर्जी।
  •     लिवर संबंधी समस्या।
  •   ग्लूकोज लेवल को कम कर सकता है, जिससे व्यक्ति ऊर्जाहीन महसूस कर सकता है।