हार्ट अटैक से बचाएगा आपको आयुर्वेद

अनियंत्रित एवं अनियमित खानपान के चलते कई शारीरिक एवं मानसिक समस्याएं उत्पन्न होती हैं, जिसमे से हृदय रोग भी एक है। प्रोटीन तथा कार्बोहाइड्रेट युक्त खाद्य पदार्थों के अत्यधिक सेवन से कोलस्ट्रॉल रक्तवाहिनी में मोम की तरह जमा होकर रक्त के प्रवाह में बाधा उत्पन्न करता है, जिससे सांस लेने में कठिनाई एवं दर्द होता है। रोगी आयुर्वेद के उपचार तथा खानपान को नियंत्रित कर बिना किसी शल्यक्रिया के आजीवन स्वास्थ्य रह सकते हैं। जानिए आयुर्वेद के अनुसार खानपान – 

भोजन में अदरक लहसुन सौंठ मिर्च पीपल लौंग तेजपत्ता सेंधा नमक का उपयोग करे

रात के समय उबलते दूध में 2 ग्राम छोटी पीपल पिसी हल्दीजेफर केसर के साथ प्रयोग करे

पुराना गेंहू जौ देशी चना अंकुरित डाले मूंग की दाल मसूर की दाल सेम मटर बिन्स फलों में अनार पपीता अंगूर मुनक्का खाये

परहेज

हृदयरोग से बचने के लिए तनाव मुक्त प्रसन्न चित्त रहे शाकाहार योग तथा प्राणायाम के जरिये निरोग रह सकते है

हृदयरोगी मांसाहार धूम्रपान शराब अत्यधिक चाय काफी फास्टफूड जंकफूड सास तली सब्जियां चिप्स डिब्बाबंद भोजन चीज खोया मक्खन मलाई अंडे की जर्दी नारियल का तेल चॉकलेट आइसक्रीम आदि से बचे